आपाधापी के क्षण में पुरानी यादों को ताजा करने वाली कविताएं

"कल की यादों को जीवंत करती कविता - पुरानी यादों पर आधारित"
आपाधापी के क्षण में पुरानी यादों को ताजा करने वाली कविताएं
यादें याद आती हैं

कुछ हंसता कुछ रोता लम्हा जीवित हो जाता है 

मन के भीतर दबा समंदर फिर लहरा जाता है 

लहरें सेतुबंध तोड़ पलको तक आ जाती है 

यादों की कोमल लड़ियाँ जब टूट बिखर जाती है 

आपाधापी के क्षण में जब यादें याद आती हैं।


भूली बिसरी बात पुरानी धुंधली पड़ जाती है 

जिम्मेदारी और सपनों के आगे खो जाती है 

खेल-खिलौने दोस्त पुराने पीछे रह जाते हैं 

इक हिचकी बीते क्षण की तब बरबस आ जाती है 

आपाधापी के क्षण में जब यादें याद आती हैं।


यादों की लौ जब जलती है हम खुद को पाते हैं 

हम क्या थे क्या हुये आज यह भेद जान पाते हैं 

मन वीणा के तारों पर तान मधुर छिड़ती है 

यादों वाली एक पिटारी तब  फिर से खुलती है 

आपाधापी के क्षण में जब यादें याद आती हैं। 

✍✍✍

 रागिनी प्रीत

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